Posts

Showing posts from April, 2023

नीति शास्त्र और गिरधर कविराय की कुंडलियाँ

  नीति शास्त्र और गिरधर कविराय की कुंडलियाँ नीति - मनुष्य ने अपने व्यक्तिगत , पारिवारिक - सामाजिक जीवन को सरल , सुखद , समृद्ध तथा उदात्त या   ऊर्ध्वगामी बनाने के लिए , कुछ विधि - निषेधात्मक व्यवहारिक नियम - कायदा बनाए हैं | एक प्रकार से ये नियम - कायदा समाज   हित की चिंता करने वाले मनीषियों तथा गुरुजनों जैसे श्रेष्ठ और जेष्ठ जनों ने अपने और अपने पूर्वजों के अनुभवों के आधार निर्देशित किये हैं , ताकि सामान्य जनों का जीवन पथ आलोकित हो सके | एक तरह से ये व्यापक समाज के हित में दिए गए आदेश या उपदेश ही हैं | इन्हीं आदेशों , उपदेशों - निर्देशों या नियमों की परंपरा को ' नीति - नियम ’ कहा गया है | छोटे स्तर पर ‘ रीति - रिवाज ’ भी एक प्रकार के निति - नियम ही हैं | नीति से ही ' नैतिक ' विशेषण तथा ' नैतिकता ' जैसी भाव वाचक संज्ञा का उद्गम हुआ है | नैतिक जीवन ही पवित्र जीवन की पहली और प्रमुख सीढ़ी मानी जाती है | क्योंकि नीति नियमों का विवेक पूर्ण पालन ही ‘ आ...